क्या आपको बुखार है?? BF XXX मैंने पूछा.नही संचित! वंदना मैडम बोली।दोंस्तों, मुझे तो विस्वास ही नही हो रहा था। खुद मैडम ने मेरा हाथ पकड़ लिया और अपने सीने पर रख दिया। बड़ा गरम सीना था दोंस्तों। फिर वंदना मैडम से अपना आँचल सीने से हटा दिया। तिकोने दुधभरे समोसे मुझे दिखने लगा।मैंने बड़ी हिम्मत करके वंदना मैडम की ओर मुँह कर लिया। वो मुझे अर्थपूर्ण नजरों से देख रही थी। बड़ी मुश्किल से मैंने अपने से 10 15 साल बड़ी औरत वंदना मैडम से नजरे मिलायी। वो आँखों ही आँखों में मुझे चोदे जा रही थी। तो मैं भी आँखों ही आँखों में उनको चोदने लगा।कब मैंने उनको अपने गले लगा लिया याद नही। हम दोनों ने एक दूसरे को गले लगा लिया था। सायद ये दिन मेरी जिंदगी का सबसे सुंदर व यादगार दिन था। हम दोनों अपनी जिस्मानी जरूरत को पूरा करना चाहते थे। एक दूसरे को हमने भींच लिया था।सायद मैडम कई दिनों से नही चुदी होंगी, तभी मुझको मौका दे रही थी। उनके हस्बैंड भी पटना में बी.टेक वालों को किसी प्राइवेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाते थे। हर 15 दिन में मऊ आते थे मैडम को चोदने के लिए। सायद मैडम अभी 25 26 की होंगी, कड़क मॉल थी, जादा जवान थी, जादा चुदवाना चाहती थी, इसलिये मुझे ये गोल्डन चांस दिया था।दोंस्तों, मैंने तो यही निष्कर्ष निकाला। मैं















