अकेले कमरे में देसी भाभी की चूत में उंगली और क्रीमी पाई

ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.मैं इन एक सालो में पूरी तरह से बदल गया था, खुसी मेरे जीवन का एक अभिन्न अंग बन गई थी, जब बाबुजी को मैंने मारा था तब मुझे ये भी नही पता था की आखिर सही कौन है और गलत कौन लेकिन कड़ियां खुलने लगी… मैं अपने बॉस जो की अब मेरे अच्छे दोस्त भी थे को सुनाने लगा..“खुशबू जब स्कूल में थी तब से ही उसका पहला प्यार रविश था, दोनो ही साथ पढ़े और बड़े हुए लेकिन सामाजिक मर्यादा ने दोनो को मिलने नही दिया, जब खुशबू का यौवन अपने अंगड़ाइयां भर रहा था तब उसपर बाबुजी की नजर पड़ी, जिसका परिणाम था की बाबुजी खुशबू के प्रति आसक्त हो गए, वो उसे पाने की हर सम्भव कोशिशे करने लगे.लेकिन जल्द ही उन्हें ये अहसास हो गया की ये लड़की उनके हाथ में नही आने वाली और इसका कोई प्रेमी भी है, माँ के देहांत के बाद तो बाबुजी खुले सांड की तरह हो गए और जो चीज उन्हें पसंद थी उसे वो हर कीमत में पाना चाहते थे.उन्होंने खुशबू के पिता से दोस्ती बड़ाई और उन्हें खुशबू और रविश के बारे में बतलाया, जिससे उसके पिता भड़क गए और उसकी पढ़ाई पर रोक लगा दिया, समाज में बदनामी का डर खुशबू के पिता जी को सताने लगा था

अकेले कमरे में देसी भाभी की चूत में उंगली और क्रीमी पाई

Actors: Jonydarling2

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