हेल्लो फ्रेंड्स, मैं आपकी दोस्त प्रिया फिर से आप सब के सामने हाजिर हूँ अपनी कहानी का अगला भाग लेकर. इतना आगे बढ़ने के बाद शर्मा रही है?”पर जैसे जैसे संजय ने मेरे नंगे बदन को बिस्तर पर लेटे हुए देखा जो उससे चुदवाने के लिए बेताब था तो वह मुझे देखता ही रहा। उसकी तो जैसे बोलती ही बंद हो गयी। मेरे बदन की झलक तो उसने देखि थी। पर पूरी तरह निर्वस्त्र मचलता हुआ मेरा नंगा बदन वह पहली बार देख रहा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.उसकी आँखें मेरे नंगे बदन को एक तक ऊपर से निचे तक ताकती ही रही। शायद उसकी बीबी भी उसके सामने ऐसे हालात में नग्न नहीं पड़ी होगी। उसकी आँखें पहले तो मेरे उद्दंड स्तन मंडल पर पड़ीं जो इतने गोल फुले होने के बावजूद पूरी फूली हुई निप्पलोँ से सुसज्जित ऐसे अक्कड़ खड़े हुए थे, जैसा की संजय का लण्ड मेरे नंगे बदन को देख कर खड़ा था।संजय ने हाथ बढ़ाया और मेरे फुले हुए स्तनों को दोनों हाथों में पकड़ा और बोला, “बाप रे! XXXBF उन पर नहीं होता?” संजय ने मुझे पूछा।मैंने कहा, “मैं यह सब नहीं जानती। पर तुम कुछ भी ऐसा नहीं करोगे बस, मैंने कह दिया तो कह दिया।”तब मैंने संजय के चेहरे पर निराशा का भाव देखा। मैं मेरे दिल और















