और इस नौकरी में दूसरे काम का तो बहाना है। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.मैं तो आप लोगों को मुलाजिमत ही अपनी बहू को चोदने की दे रहा हूँ। अब आप लोग सोच लें? और इस नौकरी में दूसरे काम का तो बहाना है। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.मैं तो आप लोगों को मुलाजिमत ही अपनी बहू को चोदने की दे रहा हूँ। अब आप लोग सोच लें? BFSex ये तो मैं पियूंगी…”ये कहकर मैंने जल्दी से उसका लण्ड पकड़ा और अपने मुँह में डाल लिया। दीनू के लण्ड से पूरे एक मिनट तक मनी निकलती रही और मेरा पूरा मुँह मनी से भर गया। मैंने सारी मनी पीकर उसका लण्ड अच्छी तरह चाट-चाटकर साफ किया और फिर मैं खड़ी हो गई। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.दीनू ने मेरी दोनों चूचियों को पकड़कर कसकर दबा दिया जिससे मेरी मेरी सिसकारी निकल गई। दीनू ने मुझे दीवार से लगा दिया और बेतहासा मुझे किस करने लगा। मैंने भी उसे लिपटा लिया और उसके किस का साथ देने लगी। अब दीनू का लण्ड दुबारा से खड़ा होने लगा और फिर वो पूरी तरह से खड़ा होकर मेरी चूत में चुभने लगा।मैं कहने लगी- “दीनू प्यारे, तुम्हारा बदतमीज बच्चा फिर बदतमीजी करने लगा है…”दीनू बोलने लगा- “मेम साहिब















