अब कामवाली आंटी जादा घरों में काम करती थी, जिससे वो जादा पैसे कमा सके। इसलिए उसकी जवान २० साल की लड़की रमा भी उनका जल्दी जल्दी काम करवाती थी। काम खत्म करके वो दुसरे घरो में काम करने चली जाती थी। अब रमा ही मेरे लिए सुबह सुबह चाय बनाने लगी।“भैया जी !! तुम्हारी चूत जो मारनी है आज!!” मैंने कहा।दोस्तों ये सुनकर रमा का चेहरा पूरी तरह से लाल हो गया। मैंने उसे बिस्तर पर खीच लिया और उसके बूब्स दबाते दबाते उसके होठ पीने लगा। रमा का फिगर ३४ २७ ३२ का था। इससे आप अंदाजा लगा सकते है की वो कितनी सेक्सी माल होगी। उसका चेहरा मेरी बातें सुनकर बिलकुल लाल हो गया था। मैंने उसे दोनों हाथो से पकड़ लिया और उसके नर्म नर्म होठ पीने लगा। वो नही नही करने लगी। मैंने उसकी सलवार निकाल दी। वो कमीज पहने रही।“रमा !!! BF XXX तू मेरी रखेल बन गयी है! मुझे धीरे धीरे चोदना वरना बहुत दर्द होगा!” रमा बोली.“तुम फ़िक्र मत करो मेरी जान !!! तू मेरी रखेल बन गयी है! तुम पूरी तरह से नंगे हो???” सारे कपड़े निकाल दिए तुमने???’ रमा आश्चर्य से पूछने लगी.“हाँ !! तू मेरी रखेल बन गयी है! ये क्या उपेन्द्र !! मुझे धीरे धीरे चोदना वरना बहुत दर्द होगा!” रमा बोली.“तुम फ़िक्र मत करो मेरी जान !!!















