“मेरा भी छूट रहा है.” कहकर विवेक के लंड ने अपने वीर्या की बौछार मेरी गंद में कर दी. XXX Hindi मेने देखा कि अमरीश भी अपने कपड़े उतार नंगा हो चूक्का था. उमीद है हम जल्द ही मिलेंगे, ओके बाइ.” “ब्बाइ ब्बाइ सब कोई.” मेने जवाब दिया. फिर ब्रा का हुक खोल उसे भी निकाल दिया. अपने कमरे में पहुँच मेने अपनी मेज़ की दाराज़ खोली तो पाया कि मेरी ब्लू रंग की पॅंटी वहाँ रखी हुई थी. “विवेक कह रहा था कि अगर हम यहाँ आएँगे तो तुम अपनी चूत हमे दिखावगी.” अमित ने कहा.“अगर विवेक कह रहा था तब तो दिखानी ही पड़ेगी.” मेने हंसते हुए जवाब दिया.“अगर तुम्हे बुरा नही लगे तो क्या में तुम्हारी चूत की फोटो खींच सकता हू?” अमरीश ने पूछा.“बुरा तो नही लगेगा, पर तुम इसे किसे दिखना चाहते हो?” मेने पूछा.“अगर तुम नही चाहोगी तो किसी को नही दिखाउन्गा, पर में अपनी एक वेब साइट चालू करना चाहता हूँ और में इस फोटो को अपनी उस साइट पे डाल दूँगा. मेरे मुँह से सिसकारिया फुट रही थी, “ओह हाआआं ऐसे ही किए जाओ और ज़ोर से विवेक हाँ चोद दो मुझे फाड़ दो मेरी गांद को, अया में तो गयी.”मेरा चूत में उबाल आना शुरू हो गया था, और दो धक्कों में ही मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया था.















