पर बहू ध्यान रहे ये राज सिर्फ तुम्हारे और मेरे बिच ही रहना चाहिए!! BFSex मैंने कहा।मैं अंदर चली गयी। उन्होंने दरवाजा बंद कर लिया। मैं रात के 1 बजे भी सफ़ेद साड़ी में थी। जेठ जी मुझे बिस्तर पर ले गए और लिटा दिया। सीधे मेरे दूध पर पिल पड़े। वो मेरे दूध आराम से पी सके इसलिए मैंने अपने सफ़ेद ब्लॉउज़ के बटन खोल दिए। दूध देखकर वो खुश हो गए।उनका चेहरा चमकने लगा। वो मेरे दूध पीने लगा। मेरी आँखों में आँसू आ गये। मेरी पति मिथुन की याद फिर से ताजा हो गयी। मिथुन ऐसे ही मेरे दूध पीता था। जेठ जी मेरे निपल्स को काटने लगे तो मैं और अधिक रोने लगी। मिथुन बिलकुल ऐसे ही मेरे दूध पीता था। जेठ जी मुझे मस्त दबाने लगे। मेरी चूत गीली हो गयी।मैंने अब दूसरा मम्मा भी उनको सौप दिया। अगर मेरी जेठानी यहाँ होती तो हमदोनो की माँ चोद देती पर वो तो शादी में गयी हुई थी। इसलिए जेठ जी 2 4 दिन मुझको पेल खा सकते थे। मैंने अपनी आँखे बंद कर ली। आँखों में बस दोंस्तों मिथुन का चेहरा घूमने लगा। मैंने आज रात भरके लिए अपने जेठ जी को अपना मर्द मान लिया था।मैं भी 2 महीनो से नही चुदी थी। बस जब चूदने का मन करता था ऊँगली से मुठ मार लेती थी। इसी











