अगर आज हम दोनों भाई तेरी रसीली चूत का भोग लगाऐ तो तुम मम्मी से तो नही बोलोगी???” साजिद ने पूछा.“भाई! XXX BF उउउहह…. .अई..अई…..अई..मम्मी….” की मीठी आवाजे निकालने लगी। मैं लम्बी लम्बी सिस्कारियां लेने लगी। अब मैं अपने दूसरे भाई का लंड खा रही थी। रेहान ने मेरी चूत की पिच पर शानदार बैटिंग की। मुझे पेल पेलकर मेरी चुद्दी फाड़ के रख दी।मेरी चूत की एक एक सिलाई रेहान भाई ने खोल दी। मैं पागल हो रही थी। सूखे पत्ते की तरह कांप रही थी। मेरे पूरा जिस्म में सनसनी हो रही थी। रेहान का लंड मेरी चूत को किसी धोबी की तरह धो रहा था। उसकी कुटाई कर रहा था। रेहान भाई के शानदार धक्के से मैं सोफे पर चुद रही थी और सोफे से चू चूं की आवाज निकल रही थी।फिर रेहान ने अपना मोटा खीरे जैसा लंड मेरी चूत से बाहर निकाल लिया और जल्दी जल्दी मेरी चूत चाटने लगा। आह मेरे जिस्म में कामवासना की आग लग चुकी थी। दोस्तों मैं अब और चुदाना चाहती थी। रेहान जल्दी जल्दी मेरी चूत को पी रहा था। मेरी चूत के भीतर उसकी जीभ घुसी जा रही थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.















