आंटी सिसकारियाँ लेती रही और मैं उनकी बूर को चूसता रहा जैसे कोई लॉलीपोप हो..मैं आनंद-विभोर होकर कहते जा रहा था- वाह रसगुल्ले सरीखी बुर! XXX Hindi यह आवाज़ एक संगीत तरह मेरे कानों में गूँज रही थी और मैंने अपने लंड की गति बढ़ा दी। आंटी ख़ुशी के मारे जोर जोर से चिल्लाने लगी- चोदो… चोदो… राजा ! चुदाई करते हुए रात के ग्यारह बज चुके थे और सन्नाटे में घपच-घपच और घुच-घुच की आवाज़ आ रही थी.. और वोह सिसकारने लगी- डाल दे बेटा अपनी आंटी की चूत में अपना लंड !अभी लो आंटी ! हे भगवान! देखी है मेरी चूत तूने…? चुदाई करते हुए रात के ग्यारह बज चुके थे और सन्नाटे में घपच-घपच और घुच-घुच की आवाज़ आ रही थी.. आंटी चूत में ले ले मेरा लंड… यह गया तेरी बुर में मेरा लौड़ा पूरा सात इंच… चाची का चूची.. कहने लगा..आंटी बोली- रुको मुझे मूतना है !“तो मूतिये आंटी जी! चुदाई करते हुए रात के ग्यारह बज चुके थे और सन्नाटे में घपच-घपच और घुच-घुच की आवाज़ आ रही थी.. यह आवाज़ एक संगीत तरह मेरे कानों में गूँज रही थी और मैंने अपने लंड की गति बढ़ा दी। आंटी ख़ुशी के मारे जोर जोर से चिल्लाने लगी- चोदो… चोदो… राजा !















