उफ… ऊई… फिर हाँ मैं..उफ… मैं कह रही थी की आरुषी को मैं रसोई में ले गई. XXXBF देखा कैसा होता है स्तन… शर्माओ मत.मेरे पति ने मेरे भाई का मुख मेरे बायें स्तन के बिलकुल नजदीक कर दिया और बायें स्तन का गहरे गुलाबी रंग का निप्पल उसके होंठों के पास करके बोले- होंठ खोलो और इसे चुसो… लेकिन मेरे भाई नें होंठ नहीं खोले, वह तो फटी फटी आँखों से यह सब देख रहा था तब मेरे पति नें मेरे दायें स्तन को भी मेरे ब्लाउज और ब्रा में से निकाल दिया और उसके निप्पल को चूसने लगे, मैं उत्तेजना में बहने लगी.क्या तुम अपने भाई के होंठ नहीं चूम सकती…मेरे पति ने मुझसे कहा तो मेरे मन में विचित्र प्रकार का प्यार उमड़ आया, यह सब मेरे लिये अनोखा था, मैनें अपने भाई के गुलाबी होंठों को चूम लिया और उसके होंठों में अपने बायें स्तन का निप्पल भी दे दिया, अब उसने निप्पल ले लिया, मैनें कहा… चुसो इसे.वह चूसने लगा वो भी इस तरह जैसे कोई शिशु स्तन में दूध खोजता है, मैं अदभुत आनंद से भरने लगी, मेरे हाँथ उसके सर को सहलाने लगे थे, मेरे दोनों स्तनों को चूसा जा रहा था, मैं उत्तेजित होती जा रही थी, मेरे हाँथ मेरे भाई की पीठ पर होकर उसकी पेंट पर पहुँच गये.















