मज़ा आ रहा से…. BFSex ना मैं नंगा हो के अपने लंड की मुथि लगा रहा होता, ना तुम डर कर अचानक पापा के बेडरूम मैं एंटर होतीं, ना मुझे इस हालत मैं देख कर तुम्हारी जज़्बात भरकते. पापा ने मुझे बात टब के अंदर बैयतने को कहा. पापा का लंड मेरी मुथि मैं आते ही बुरी तरह से मचलने लगा.“मैं अब अपनी प्यारी सी बेटी को पीछे की तरफ से घोरी बना कर चोदूगा” पापा ने यह कहते हुआी मुझे औंधी हो कर गांद ऊपर उठाने को कहा.मैं बेड पेर औंधी हो गई और गाड़ बिल्कुल ऊपर उठा दी. पापा ने मेरी गांद पेर से हाथ हटा कर मेरी टिट्स को अपनी मुति मैं कस कर पाकर मेरी चूत को चोदना जारी रखा. फिर पापा की आँखो, गालों और नेक पेर किस करती रही. और फ्यू सेकेंड्स मैं ही पापा के लंड से गरम गरम क्रीम जैसी टेस्टी सीमन मेरे मुँह मैं जेट की तरह निकलने लगी. मुझे लगा के पापा का मुँह मेरी एक धार से पूरा भर गया होगा. मैं आपको पूरा एंजाय करावाऊंगी.”यह कहते हुआी मैं ने पापा का लंड ज़ोर से अपनी मुथि मे भींच लिया. दर्द अब बिल्कुल ख़तम हो गया था और उसकी जगह वाक़ई अब मुझे इतना मज़ा आ रहा था के मैं बता नहीं सकती.















