चाचा का मकान बनना शुरू हो गया. XXX Hindi आज का एक्सपीरियंस बहुत मजेदार था. अनामिका के ओंठ पीते पीते हम दोनों बात करने लगे.अनामिका आज के बाद फिर कब चूत देगी??’ मैंने पूछा.पता नही’ वो बोली.‘क्यूँ नही पता? मैंने ओंठ से अनामिका के होंठो को मुँह में दबाकर पीने लगा. नीचे ने मैंने उसको नंगा ही रखा क्यूंकि उसे अभी एक बार और लेने का मूड था.हम दोनों उस ४ ५ सीमेंट की बोरियों पर लेटे थे. ‘अनामिका पैर हिलाएगी तो मैंने कैसे तुझे चोद पाऊंगा. उसकी पतली पलती नाजुक गोरी गोरी टाँगे सच में बहुत आकर्षक थी. ये तो कहो पैर में मसाला लगा है मेरा लंड में नही लगा है वरना अनामिका मुझसे चुदवाती भी नही.क्यूंकि लडकियाँ बड़ी सफाई वाली होती है. अनामिका मेरे चाचा की इकलौती बेटी थी और अब १६ साल की हो चुकी थी. समय समय पर अनामिका मुझे और मिस्त्री को चाय देने आती थी.मेरा काम मिस्त्री को मसाला बनाकर देना, पानी देना, और ईट देना था. पर मेरा लंड तो पूरा का पूरा अंदर ले ही लेती थी. मेरा लौड़ा किसी ट्रेन की तरह उसकी चूत की दरार में फिसल रहा था. एक दिन जब दोपहर २ बजे मिस्त्री खाना खाने चला गया तो काम बंद हो गया. फिर चूत पीने लगा. मैं बिजली की तरह अनामिका को पेलने लगा.















