मेरे मुँह से निकल गया। सरहज की बुर का भरमा और भोसड़ा बन चूका था। मेरे साले ने उसको हर रात पेला था। जितने मोटे शरहज के होंठ थे, ठीक उतने मोटे बुर के होंठ थे।दोंस्तों मेरा बस चलता तो आप लोगों को कहानी के साथ उसकी बुर की फोटो खींच के भेज देता। जहाँ ज्यादातर औरतों की भर अंदर खायी में होती है इस अल्टर की बुर तो ऊपर की ओर थी। कचोरी की तरह फूली थी। सीधे मैंने मुँह लगा दिया। बुर चाटने लगा। जीभ से बुर का स्वाद लेने लगा।कई महीने उसकी बुर चूदने का बाद भी बुर मस्त थी। मैं गहराई से बुर पीने लगा। साली भी मस्त हो गयी। दोंस्तों जब कोई माल देख लो और चोदने को ना मिले तो ऐसा ही होता है। इतनी प्यास थी उसकी बुर की की क्या बताऊँ। 40 मिनट तो मैंने केवल बुर पी नैंसी की। खूब लपट झपटी हुई। “Desi Slim Girl Blowjob”खूब चुम्मा चाटी हुई। उसकी कमर इतनी मस्त थी, बिलकुल गोरी मक्खन जैसी थी। खूब चूमा मैंने। फिर मैंने लण्ड डाल दिया और चोदने लगा सरहज को। खूब सम्भोग किया मैंने उस छिनाल के साथ। खूब चोदा रंडी को। पर मैं आउट ना हुआ। फिर मन बदला। दुबली पतली तो थी ही। बस उठा लिया गोद में । सरहज ने ख़ुद लण्ड अपनी बुर में सेट कर















