वो दर्द से चीखने लगी, पर मैं उसको कसके पकड़ रखा और भागने नही दिया. XXX BF हम दोनों टेबल कुर्सी पर बैठ गए. मैंने उसकी नंगी मक्कन जैसी चिकनी पीठ में हाथ डाल उसे कस लिया और सपने समीप ले आया. वगेरह वगेरह. मैंने कितने देर से आपका इतंजार कर रही थी?? जिस तरह से किसी अंधे काने को देख के मूड खराब हो जाता है, उसी तरह दामिनी जैसी मस्त माल को देख के तबियत हरी हो जाती थी. दोस्तों, मेरे दिमाग और लंड में बस एक चीज की गूंज रही थी. दामिनी अपने दोनों स्तनों को छिपाने की कोसिस की. वो बोली. जिस तरह से किसी अंधे काने को देख के मूड खराब हो जाता है, उसी तरह दामिनी जैसी मस्त माल को देख के तबियत हरी हो जाती थी. दामिनी मुस्काने लगी. मैंने उसकी नंगी मक्कन जैसी चिकनी पीठ में हाथ डाल उसे कस लिया और सपने समीप ले आया. अपना मुह दूसरी ओर कर लिया.मैंने उसकी पीठ में हाथ डाल किया. जहाँ कल तक मैं उसको एक बच्ची की नजर से देखता था, वहीँ अब मेरा नजरिया बदल गया था.















