लेकिन उसने भी इतने समय में ही आनंद ले लिया था. मैं समझ गया था कि अब वो भी इस सब के लिए राजी है. BFSex इससे मेरा लण्ड खड़ा हो गया. वो वापिस अपनी टेबल पर बैठ गई तो अब मुझे एक चैन सांस मिली.फिर मैंने अपना हाथ अंदर डालकर लण्ड को नीचे की ओर किया. रात को खाना खाने के बाद करीब 9 बज रहे थे. लेकिन मैं कहाँ रुकने वाला था, मैंने उसको अब खड़ा किया और टेबल पर सिर रख के पीछे से चूत की फांकों में लण्ड फंसा के चोदना शुरु किया.उसकी टाइट चूत को मैं ढीली करता जा रहा था और सोच रहा था कि अनन्या में वो मजा नहीं आया कभी जो आज संध्या मुझे दे रही है. मैंने थोड़ी रुकना ही सही समझा और उसको किस किया और कहा- क्या हुआ? रात को खाना खाने के बाद करीब 9 बज रहे थे. लेकिन वो कमजोर लड़कियों में से नहीं लग रही थी. मैं समझ गया था कि अब वो भी इस सब के लिए राजी है. वो लेटी रही. फिर 1 दिन की छुट्टी के बाद वह ऑफिस आई. तुम तो तैयार थी. उसने कहा कि वो तो निकल गया है. और मेरा लण्ड उसी रफ्तार में चुदाई कर रहा था. लेकिन प्लानिंग कर ली है.हम दोनों की अब व्हाट्सएप पर बात होने लगी.















