अआ.. BFSex मारर.. माँ झड़ चुकी थीं।प्रकाश अंकल ने भी तूफानी गति से धक्के मारते हुए उनकी चूत में अपने लण्ड का लावा छोड़ दिया। उन दोनों की चुदाई देखकर मेरी भी चूत गीली हो गई थी.. मैं डर गई थी।तब अंकल ने बताया- पहली बार में ऐसा होता है..मैंने चड्डी चूत पर चढ़ा ली। कुछ देर बाद अंकल मेरे छोटे-छोटे चूतड़ों को मसलने लगे और फिर से मेरी चड्डी को कमर तक खिसका दिया। मैं आँखें बंद करके चुपचाप लेटी हुई थी। अंकल मेरे ऊपर छा गए थे। उनका लौड़ा मेरी चूत में दुबारा घुस गया था..मैं एकदम से थक कर चूर हो गई थी। ऐसा लग रहा था कि न जाने कितनी दूर से दौड़ लगा कर आई होऊँ। कुछ देर अंकल का लण्ड मेरी चूत में ही पड़ा रहा.. मेरी योनि में मीठी सी चुभन मुझे आनन्द भरी टीस दे रही थी। लगभग 7-8 मिनट तक धक्के लगाने के बाद मुझे चरमोत्कर्ष प्राप्त होने लगा और मुझे योनि के अन्दर संकुचन सा महसूस हुआ। मुझे योनि के अन्दर कुछ रिसता हुआ सा महसूस हुआ..अंकल ने लौड़ा झटके से बाहर निकाला और सारा वीर्य मेरे योनि मुख और मेरे पेट पर गिरा दिया.. कपड़े और बाल ठीक-ठाक किए और जल्दी से वहाँ से बाहर निकल आई..















