ऑफिस के काम की वजह से सानिया के हस्बैंड को दो दिन से ज्यादा छुट्टी नहीं मिली इसलिए वो वापस लौट गए. उसका दिल धक् धक् कर रहा था.और थोड़ी देर में मैंने चद्दर के अंदर से ही अपने हाथ उसकी छाती से हटाकर सीधा साड़ी के ऊपर से ही उसकी दोनों जांघो के बीच में ले जाकर चूत को टटोलने लगे. BFSex मैं कल ऑफिस के काम से हैदराबाद जा रहा हूँ और मेरी टिकट तो रिजर्व्ड है अगर तुम चाहो तो मेरे साथ सानिया को भेज सकते हो.इतना सुनते ही वो खुश हुआ और बोला ठीक है मैं तुम्हारे साथ इसे भेज दूंगा. थोड़ी देर तक मैं इसी तरह पड़ा रहा मेरी समझ में नहीं आया की आगे क्या किया जाये कि काम बन जाए. उसका पानी झड़ने ही वाला था की आपा ने अपने हाथ से मेरा मुँह अपनी चूत पर से हटाकर मेरे लंड को ढूंढ़ने लगी.तो मैं समझ गया और लेटे लेटे अपनी पेंट उतारकर सिरहाने रख कर अंडरवियर से अपना तना हुआ लंड पकड़ उसके हाथ में पकड़ा दिया. उसकी कोई प्रतिक्रिया न देख कर मैंने महसूस किया की उसे भी मज़ा आने लगा है पर वो अपनी एक्साईटमेंट को दबाकर लेटी होने का नाटक कर रही थी.















