उसने अपनी उंगली चूत की काफ़ी गहराई में घुसा दी थी. मैं अपनी मर्ज़ी से जीना पसंद करती हूँ. BFSex अब तो मेरी हालत और भी खराब होने लगी. उसने अपनी उंगली चूत की काफ़ी गहराई में घुसा दी थी. उसने एका एक मुझे धक्का दे कर गिरा दिया और मेरी जीन्स खोलने लगा और बोला,“मुझे भी तो अपनी उस हसीन जवानी के दर्शन करा दो, जिसे देखने के लिए मैं बेताब हूँ.”मैं समझ गयी कि वो मेरी चूत को देखने के लिए बेताब था. यह एहसास ही मेरे लिए अनोखा था उसने मेरी चूत को नंगा कर दिया था.अब वो चूत के साथ शरारत भी करेगा. फिर मेरी ब्रा खोलते हुए बोला, “तुम्हारी मस्त जवानी को देखकर अगर मैं अपने आप पर काबू पा लूँ तो मेरे लिए ये एक अजूबे के समान होगा.”मैने मन में सोचा कि अभी तुमने मेरी जवानी को देखा ही कहाँ है. कुछ देर में ही उसने लंड को थेल कर काफ़ी अंदर कर दिया था. अपनी भावनाओं को मत दबाओ, जो मन में आ रहा है, उसे पूरा कर लो.”उसके यह कहने के बाद मैने उसके लंड को चूमने का मन बनाया मगर एकदम से होंठ आगे ना बढ़ा कर उसे चूमने की पहल ना कर पाई.















