फिर हम ऑटो में बैठ गये और दामोदर के घर चले गये और उस समय दामोदर घर पर अकेला था, मम्मी ने बाहर से ही उसे आवाज़ लगाई..मम्मी : दामोदर कहाँ गया तू बाहर निकल..फिर दामोदर बाहर आ गया, उसने बनियान और पेंट पहनी हुई थी और उसकी नज़र मेरी मम्मी के ऊपर पडते ही वो तो बिल्कुल पागल ही हो गया और वो मम्मी को बहुत घूर रहा था, उसने इससे पहले कभी भी मेरी मम्मी को नहीं देखा था..दामोदर : हाँ क्या हुआ आंटी जी?दोस्तों यह बात पूछते ही मम्मी ने उसे दो जोरदार थप्पड लगाए, जिसकी वजह से वो तो बिल्कुल पागल हो गया और अब वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगा..दामोदर : यह क्या कर रही हो आप, आपने मुझे क्यों मारा?मम्मी : देख मेरे बेटे को कोई इस तरह किसी को मारता है, इसकी नाक से कल बहुत खून बह रहा था..दामोदर : आप पहले एक बार सोच लो मुझसे दुश्मनी अच्छी नहीं है..दोस्तों अब वो मेरी मम्मी पर बहुत गुस्सा करने लगा और वो मेरी मम्मी से बोला..दामोदर : में इस दो थप्पड का बदला आपसे जरुर लेकर रहूँगा..मम्मी : तू क्या मुझे धमकी दे रहा है, बुला बाहर कहाँ गये तेरे माता पिता, बुला उन्हें..दामोदर का गुस्सा देखकर में बहुत डर गया, इसलिए में अपनी मम्मी को वहां से वापस ले आया..















