तब से लेकर ज़ब टाइम मिले अपनी मनीषा बुआ को चोदता हु.. XXXBF बुआ को अँधेरे में कुछ दिखाई न देने पर वो गिर गयी थोड़ी पैरो में सूजन आ गयी थी..थोड़ी देर लाइट आने पर खाना कर लिये और चाची बर्तन घसने चली गयी.. थोड़ी देर बाद साड़ी को ऊपर किया जांघो को मालिश करने लगा. बुआ ने चाय पिलाई और मैं थोड़ा गांव घूमने निकला.इधर चाची और बुआ रसोई में खाना पका रही थी.. अपना पूरा मुँह उनके बूब्स में किसिंग और चूसने लगा. और मैं सोने का नाटक कर रहा था और उनकी बाते सुन रहा था..बुआ बोली रहने दो अब वो सो गया है. उनकी चुत पूरी गोरी एक भी बाल नहीं.. चाची फिर गांव चली गयी और मैं और बुआ हर दिन दिन रात दोपहर ज़ब टाइम मिले चोदते रहते थे और बुआ को अच्छा लगता था.. कैसी लगी मेरी कहानी आपके भी लंड से या चुत पानी निकल कर ही रहेगा.. मैंने मालिश शुरु कर दी धीरे धीरे. चाची बोली अभी मालिश कर लो रात को नींद और दर्द कम हो जाएगा सुबह तक.. ऐसा मैंने कभी सोचा नही था.. फूफाजी को किसी कारण बाहर जाना पड़ा.. उनका साइज 38 26 32 की है.. और बुआ को मेरे पास लाकर सुलाया और चाची ने सरसो का तेल गरम करके लाया..















