मेरी प्यास बुझा दो। उसने मुझे बताया कि वो पहले किसी लड़के के इतना करीब नहीं आई और इस पर मुझे विश्वास तब आया जब मैंने अपना 7 इंच का लंड उसकी कसी हुई चूत में डाला और उसकी चीखें निकल गई। मैंने अपनी रफ़्तार कम की और उसके होठों को चूसने लगा इससे वो थोड़ी शांत हुई।उसके बाद मैंने अपनी गति बढ़ा दी उसे भी मजा आने लगा और वो भी चूतड़ उठा कर मेरा लंड अपनी चूत की गहराई तक ले जाने लगी। जब उसकी चूत की दीवारे मेरे लंड को दबा रही थी तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। अगले 15 मिनट में वो दो बार अपना कामरस छोड़ चुकी थी। अब मेरी बारी थी, मैंने उसे कहा- मैं झड़ने वाला हूँ। तो उसने बोला कि वो प्रेग्नेंट नहीं होना चाहती। तो मैंने अपना लंड निकाल कर उसके मुंह पर अपना पानी छोड़ दिया। उसके बाद मैंने 2 बार उसकी चूत और गांड भी मारी।अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- लेकिन मैं फंस जाऊँगी, मैंने तो गलती से लिख दिया, मैं अब गुरप्रीत से प्यार नहीं करती।फिर उसकी मम्मी ने बुला लिया और वो चली गई। अगले दिन उसने ऊपर छत पर जाते समय मेरे कमरे में एक पर्चा फेंक दिया। उसमें लिखा था कि मैं उसकी मम्मी से शिकायत न करूँ, और वो रात को कंप्यूटर सीखने















