रुक जा..” दिमाग में फिर आवाज पूँजी पर नशे में कहीं दब कर रह गई।“मोम…” राजीव की फिर आवाज आई.“ओहह…” सुधा ने इशारा किया और उसके लण्ड को धीरे से सहलाया। 22 साल के उस लड़के पर क्या गुजर रही होगी जो अपनी माँ को देखकर हिलाते हुए पकड़ा गया हो, ये वो अच्छी तरह जानती थी।“रिलैक्स…” सुधा ने कहा पर राजीव अब भी साफ तौर पर शाक में था। लण्ड को थोड़ा सहलाया तो वो पूरे जोर पर आ गया और सुधा के हाथ में फूलने लगा।कभी पति के सिवा कोई और लण्ड भी चखकर देख..” उसको पार्टी में मौजूद दूसरी औरतों की बातें याद आई। वो अक्सर यही कहकर उसका मजाक उड़ाया करती थी। “तू तो कुछ बोल मत। सारी जिंदगी एक ही बल्ला पकड़ा है और बड़ी खिलाड़ी समझती है अपने आपको..” एक दूसरी औरत का ताना उसको याद आया। एक पल के लिए वो रुकी और फिर नीचे झुक कर लण्ड अपने मुँह में भर लिया।“माँन्न..” राजीव की आवाज आई।एक तरफ तो सुधा के दिल में एक गर्व जैसा एहसास उठा की आज उसने भी एक और लण्ड चख ही लिया पर दूसरी ही तरफ फिर कहीं से आवाज उठी की ये पाप है। एक बार फिर वो आवाज नशे में दब गई। सुधा का एक्सपर्ट मुँह अपने बेटे के लण्ड पर ऊपर नीचे होने लगा। वो दोनों















