एक दिन भी सबर नहीं कर सकते! BFSex एक हाथ से उसके अमृत कलशों को मसलते हुए, उन्हें चूमते चाटते, अपने लंड को ज्यादा से ज्यादा उसकी चिकनी गीली चूत के अन्दर पेल रहा था!वो अपनी गांड को उठाकर चुदाई में मेरी बीवी की तरह मेरा पूरा सहयोग कर रही थी, जल्द ही वो चरम पर पहुँच गई। जैसे ही वो स्खलित हुई मैंने उसका मुँह हाथ से दबाकर बंद कर लिया, तुरंत बाद ही मेरे लंड ने भी वीर्य की पिचकारी छोड़ दी। पांच मिनट तक हम दोनों एक दूसरे से लिपटे हुए एक दूसरे के आगोश में पूरे समर्पण के साथ खो गए!मैंने महसूस किया वाकई इसका जिस्म बिल्कुल मेरी बीवी की तरह ही है यानि मेरा अनुमान सही निकला! वो दिन पर दिन जवान और खूबसूरत होती जा रही थी पर मुझे कोई भी मौका नहीं मिल पाया कि उसकी चढ़ती जवानी और गदराते जिस्म का आनन्द ले सकूँ!मोना भी बड़ी बिंदास थी, मेरे साथ खूब मजाक करती थी परन्तु बदकिस्मती से मेरे नैनों की भाषा को वो पढ़ न सकी, न ही समझ सकी और मैंने पहल इसलिए नहीं की, मैं नहीं चाहता था कि मेरे प्रणय निवेदन को वो ठुकरा दे और मैं अपनी नजरों में अपने को गिरा हुआ महसूस करूँ।और मेरी शादी के ठीक तीन साल बाद उसकी भी शादी हो गई और वो विदा होकर















