7-8 दिन से गरिमा की चुदाई भी नहीं हुई थी इसलिए वो भी बहुत गरम हो रखी थी. क्योंकि पैरापेट वाल करीब 2.5” ऊंची थी और हम दीवार की ओट में थे इसलिए किसी के देखने का सवाल नहीं था और मैं खुद इतना उत्तेजित था की गरिमा के छत पर आने के विचार से ही एक्सरसाइज करते हुए भी मेरा लंड खड़ा था.गरिमा ने पीले फूलों वाली साड़ी पहन रखी थी जिसमें वो गज़ब ढाह रही थी. BFSex जाते ही मैंने गरिमा को अपनी बाँहों में भर लिया और ताबड़ तोड़ उसे चूमने लग गया.गरिमा ने कहा “मेरे राजा इतने बेसब्र न बनो आने वाली 7 रातें और सातों दिन मैं तुम्हारी ही हूँ पहले खाना वाना खा लेते हैं फिर रात भर प्यार ही तो करना है.”मुझे उसकी बात अच्छी लगी और मैंने उसको 2 गिलास लाने को कहा. वो 1 मिनट तक मुहं में लेकर अंदर बाहर करती रही. मुझे देखती और मुस्कुरा देती.मैं भी मुस्कुरा देता पर हम कोई बात नहीं करते थे. उसकी चूत अभी सुखी हुई थी और लंड लेने को तैयार नहीं थी. मैं गरिमा पर पूरा झुका हुआ था और उसकी चूत में मेरा पूरा लंड था.मेरा पेट उसके गोल गुदाज चूतड़ से सटा हुआ था.















