मेरा होने वाला है।मालकिन- सोनू, तेज-तेज धक्के मारो… मेरा भी होने वाला है और सारा रस चूत में ही गिराना। सालों से प्यासी है… तर कर दो उसे। तुम चिन्ता मत करो मेरा आपरेशन हो चुका है।अब मैंने रफ़्तार पकड़ी और कुछ ही देर में सारा माल उनकी चूत में भर दिया, और उन्हीं के ऊपर लेट गया।मालकिन- सोनू अब उठो भी। मुझे घर भी जाना है।मैं- ठीक है भाभी, पर ये तो बताओ कैसा लगा? XXXBF तू जरूर मार खाएगा आज।मैं- अरे भाभी, जो मन में था, वो बोल दिया। अगर सच कहने में मार पड़ती है तो वो भी मंजूर है। पर मारना तुम ही।मालकिन- साले, तू बड़ा बदमाश हो गया है। बस अब मैं चलती हूँ।मेरा तो दिमाग खराब हो गया। अपने से तो कुछ हुआ नहीं। इसलिए मन ही मन ऊपर वाले से दुआ माँगी कि कुछ ऐसा कर दे कि ये खुद मेरे लण्ड के नीचे आ जाए। कहते है ना कि सच्चे मन से किसी की लेनी हो तो वो मिलती ही है। वो जैसे ही उठने को हुई। पता नहीं कहाँ से उनके सूट के अन्दर चींटी घुस गई। उन्होंने उसे निकालने के लिए अपना हाथ सूट के अन्दर डाला तो चींटी पीछे को चली गई।मालकिन- सोनू कोई कीड़ा मेरे सूट के अन्दर चला गया है और मेरी पीठ पर रेंग रहा है। उसे निकाल दो















