मेरी जान , तू मुझको भैया जी मत बोला कर। क्यूंकि मैं तुझसे बहुत प्यार करता हूँ। क्या तू जानती है की सारी रात मैं तुम्हारे बारे में ही सोचा करता हूँ!!” मैंने कहा और रमा का हाथ उठाकर अपने होठो से लगाकर चूम लिया।वो हाथ छुड़ाना चाहती थी। इसलिए मैंने उसका हाथ छोड़ दिया। अगले दिन जब वो आई तो उसने मुझे भैया नही कहा। मुझे उपेन्द्र कहकर बुलाने लगी। मैं समझ गया की मेरा तीर निशाने पर लगा है। जब वो मेरे कमरे में फूल वाली झाड़ू लेकर झाड़ू मार रही थी मैंने उसको पकड़ लिया और उसके गाल पर चुम्मा चाटी करने लगा।“उपेन्द्र !! XXX Hindi मेरी जान , तू मुझको भैया जी मत बोला कर। क्यूंकि मैं तुझसे बहुत प्यार करता हूँ। क्या तू जानती है की सारी रात मैं तुम्हारे बारे में ही सोचा करता हूँ!!” मैंने कहा और रमा का हाथ उठाकर अपने होठो से लगाकर चूम लिया।वो हाथ छुड़ाना चाहती थी। इसलिए मैंने उसका हाथ छोड़ दिया। अगले दिन जब वो आई तो उसने मुझे भैया नही कहा। मुझे उपेन्द्र कहकर बुलाने लगी। मैं समझ गया की मेरा तीर निशाने पर लगा है। जब वो मेरे कमरे में फूल वाली झाड़ू लेकर झाड़ू मार रही थी मैंने उसको पकड़ लिया और उसके गाल पर चुम्मा चाटी करने लगा।“उपेन्द्र !!















