क्या उत्साह…! BF XXX अब आगे- Real Wet Pussy10 मिनट बैठने के बाद ही अभिषेक फिर से बोले, “पल्लवी एक कप चाय पिला दो फिर जाना भी है।”अब तो मुझे गुस्सा आ गया, मैंने कहा, “इतनी जल्दी है जाने की तो आप आये की क्यों थे? मेरे अन्दर की कामाग्नि ने मेरी शर्म को तो शून्य कर दिया। इस समय दिल ये था कि अभिषेक पूरे के पूरे मेरी योनि के अन्दर घुस जायें… पर वो तो मेरी योनि को ऐसे चाट रहे थे जैसे कोई गर्म आईसक्रीम मिल गई हो…मेरा सारा बदन पसीने पसीने हो गया… उनका लिंग मेरे बार-बार मेरे होठों को छू रहा था पर वो थे कि बस योनि चाटने में ही व्यस्त थे… पता नहीं कब और कैसे मेरा मुँह अपने आप ही खुल गया… होंठ लिंग को पकड़ने का प्रयास करने लगे। पर वो तो मेरे साथ अठखेलियाँ कर रहा था कभी इधर हिल जाता कभी उधर…मैं तो खुद पूरी तरह उनके कब्जे में थी। मैंने अपने हाथ से अभिषेक के लिंग को पकड़ा और अपने होठों के बीच सैट किया… अब मैं भी उनका लिंग आइसक्रीम की तरह चूसने लगी… कुछ ही देर में मेरा बदन अकड़ने लगा। मेरे अन्दर का लावा छलक गया मैं स्खलित हो गई… और शान्त भी अभिषेक का लिंग भी मेरे मुँह से निकल गया।मैं तो जैसे कुछ पल के लिये चेतना















