नहीं दोस्तों चुदाई के लिए सिर्फ लौड़ा चाहिए और कुछ नहीं। मेरे पति सिर्फ मेरी भावना को भड़का देते हैं और आराम से सो जाते हैं।कितना दिन तक चलेगा मैं कब तक पति धर्म निभाऊंगी पतिव्रता नारी कहलाओगे 1 दिन तो बेशक खत्म करना ही होगा। वह दिन करवा चौथ का दिन था जब अपनी वासना की आंधी में बहकर अपने नंदोई के पास दूसरे कमरे में पहुंच गई और अपनी भूख शांत की। उस दिन मुझे एहसास हुआ सेक्स क्या होता है। चुदाई क्या होती है। दिन भर में व्रत रखती शाम को चांद देख कर जल ग्रहण किया। उस दिन खूब सजी थी मेरे शरीर के सारे अंग खिल खिला रहे थे। कसी हुई चोली, सुंदर नैना, गुलाबी होंठ, कसमसा रहा था। खाना खाने के बाद मैं, पति पत्नी दोनों सोने चले गए। मैं तो दुल्हन की तरह सजी हुई थी। पति मुझे छेड़ना शुरू कर दिए। उन्होंने धीरे धीरे मेरे सारे कपड़े उतार दिए। मैं नंगी हो गई है उन्होंने मेरा बाल खोल दिया। खूबसूरत परी की तरह लग रही थी मैं। बस उन्होंने अपना उंगली निकाला और सटासट मेरी चूत में देने लगे। और फिर मेरे चूचियों से खेलने लगे। उलट पलट कर मुझे काम करते हैं मेरी वासना में आग लगा दी मेरे रोम रोम खिल उठे। मेरी चूत गीली हो गई। मेरे निप्पल और ब्रैस्ट तन गए थे। मेरे मुँह















