उसकी आँखों में देखा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.उसने मेरी आँखों में देखा और धीमी सी मासूमियत भरी आवाज़ में कहा- प्लीज.. XXX BF वो कुछ नहीं बोल रही थी.. यही तो मैं कहता था.. शायद वो मना करना चाहती थी.. दीपाली के निप्पलों का रंग एकदम भूरा सा था.. पर गज़ब की खूबसूरत। मैं देर न करते हुए उसके होंठों को अपने होंठों से चूसने लगा, फिर धीरे-धीरे करके उसकी चूची पर हाथ रखा और दबाने लगा। वो मादक ‘आहें’ भर रही थी ‘आह्हा.. मैंने उसके लोअर और उसके साथ ही उसकी पैन्टी को नीचे सरका दिया और उसकी चूत को देखने लगा। पहली बार मैं सचमुच की चूत देख रहा था। चूत पर उसके छोटे-छोटे से रेशमी बाल उगे हुए थे.. उस पल मानो मुझे सब कुछ मिल गया था।उसी तरह से मैंने उसे गोद में उठा लिया और बिस्तर के पास आ गया, मैंने उसे बड़े प्यार से बिस्तर पर लिटा दिया। मैं भी बगल में लेट गया, मैंने उसे अपनी तरफ खींचा। अब वो मेरे एकदम सामने थी..














