दोनो ठक कर चूर हो चुके थे पर ऐसा लग रहा था की अभी भी प्यास अधूरी है.हर्षिता उठी और बाथरूम मे जाकर खुद को साफ किया और नग्न ही आकर मेरे बाहों मे लेट गयी. XXX BF साथ मे मै अपनी उंगलिओ को उसकी रसीली चुत के फाको को सहला रहा था. हर्षिता आह आह की आवाज़े करते हुए लॅंड चूसने मे दुबही हुई इस पल का आनंद ले रही थी. मेरे जीभ गहराइओ मे और होठ उसके चूत के पंखुरीओ को चूस रहे थे. चुत मे लॅंड की रफ़्तार अब मै बढ़ने लगा और हर्षिता आह आह किए जा रही थी. जैसे ही मेरे जीभ ने उसके चूत के अंतिम छोर को छुवा उसने मेरे पूरे लॅंड को मूह मे भर दिया.अनायास ही मेरा कमर चल पड़ा और मै उसके मूह को चोदने लगा. तड़पाना बंद करो और अपने लॅंड को मेरी मुनिया रानी मे डाल दो, अब बर्दास्त नही हो रहा.मैने भी देर करना उचित नही समझा और एक ही झटके मे अपना लॅंड अंदर कर दिया. मेरा हर प्रहार ऐसे जा रहा था जैसे कोई सितार के तारो पर उंगलिया चला रहा हो.















