तुम्हे मुझमे.. XXXBF और मैने कहा.मैं: ओके मेडम, मैं चलता हूँ अब.मेडम: अरे ऐसे कैसे पहली बार घर आए हो चलो चाय पीके जाना.मैं: नही मेडम इट्स ओके.. मेरा नाम मितुल है. मैने मेडम की आँखो मे आँखे डाल के कहा.मैं: मेडम मुझे ना आप जैसी लड़की चाहिए.मेडम: श..मितुल..ऐसा क्या है मुझमे जो तुम्हे मैं इतनी अच्छी लगती हूँ. मुझे कुछ समाज नही आरहा था.मैं: मेडम बाथरूम कहा है. मैं तो होश मे ही नही था. और मेरे पीछे बैठ गयी..आहह क्या एहसास था वो & मैं तो बहुत खुश था.. मेरा नाम मितुल है. आहह… आपनी टीचर की बात नही मनोगे क्या..आअहह…मैं: हहााआ….मेडम…ज़रूर मानूँगा..अहह….और मैने उनको वही सोफे पे आधा लिटके उनके दोनो पैर आपने कंधे पर रख एक ज़ोर का धक्का मारा.. मैं वो डॉक्युमेंट्स लेकर आता हूँ.. तो अब तक कितना मजा किया होता हमने..अहह….अब मैं उनके बूब्स दबाते दबाते उन्हे चोद रहा था फुल स्पीड मे…अहह…….आआअहह…..उनके रूम मे सिर्फ़ चुदाई की ही आवाज़े आ रही थी…कुछ 20 से 25मीं बाद..मेडम ने कहा…मेडम: आआअहह….मितुल आई एम कमिंग डियर….डोंट स्टॉप..आह…..फक मे हार्डर बेबी…आह..हार्डर…अहह…आआआआआआआआआआहह……………….और वो थोडा शांत होके लेती रही..लेकिन मेरा अभी तक बाकी था…मैं: श..मितुल…कितना स्टॅमिना है..तुममे….आह…लाओ मैं इससे थोडा चूस देती हूँ…और फिर मेडम ने मेरा लंड..आपने मूह मे लेके चूसने लगी….आह…कितना अच्छा चूस रही थी….पूरा लंड अंडर लेती बाहर निकलती थी…आआमैं: आह….मेडम….यू आर सो गुड इन तट….आ..हह….चूसो…और ज़ोर से..आआहह…..फिर















