दोस्तों, ये सब बिलकुल किसी सपने जैसा था. BF XXX नीचे मेरा दोस्तों संजय उनकी गोरी गोरी सुडौल जांघों को चूम चाट रहा था.भव्या भाभी चुदास और काम क्रीडा की जीती जागती मिसाल थी. ही इस रेअली लकी!! ‘संजय!! मुझे वो बिलकुल कोई फ्रूट केक लग रही थी, जिससे खाते वक़्त आवाज भी नही होती और मजा भी पूरा आता है.दोस्तों मेरा तो दिल कर रहा था की इस घर की माल को चोदना शुरू कर दूँ, क्यूँ बेकार में जान पहचान बनाने में वक़्त ख़राब किया जाए. संजय भी मेरा माल जीभ से चाट रहा था. बड़ी देर तक किसी सीरियल किसर की तरह मैं भव्या भाभी जान के होठ और सासें पीता रहा. उधर संजय अभी भी भाभी जान की चूत में ऊँगली करके पानी निकाल रहा था और चूत पी रहा था. इससे भव्या भाभी जान को डबल डबल मजा मिलने लगा. मुझे उनकी ब्रा और हल्की पारदर्शी पेंटी नाइटी के कपड़े में से साफ साफ दिख रही थी. कुछ देर बाद संजय ने भाभी के दोनों पैर खोल दिए. अगर एक बार इसका १२ इंची लौड़ा खा लोगो तो रोज रात में याद करोगी और इसे घर में बुला बुलाकर चुदवाओगी!’ संजय बोला और मेरी तारीफ़ करने लगा.















