जो मंगलसूत्र जैसी दिंखती थी.में: यह बडी़ महँगी चीज़ क्यों लाये? जो तुम मुझे इतना प्यार करते हो, में तो उम्र मे इतनी बडी हूँ कि सारे लडकें मुझे दीदी कहकर बुलाते हैं, सिर्फ़ एक तुम ही जो मेरे ऊपर अपनी जान छिड़कते हो.निहाल: में नहीं जानता मयूरी, लेकिन जब भी तुम्हें देखता हूँ तो दिल को एक सुकून मिलता है, एक अलग सी खुशी मिलती है और तुम मोटी बिल्कुल भी नहीं हो, तूम संपूर्ण स्त्री हो जो सिर्फ़ एक अच्छे मर्द को ही पसंद आती है.मे: जैसे कि तुम.निहाल: हाँ.इतने में उसने मेरी साड़ी को मेरी कमर से अलग करके एक कोने में फेंक दिया. BFSex और मेरे रूम मे जाकर पलंग पर बैठकर एक दूसरे को देखने लगे. मेंने कहा मुझे आप मत बोल, मुझे अच्छा नहीं लगता. फिर मेंने उससे पूछा कि तुम कब झड़ोगे? ह्म्म्म्मम… ह्म्म्म्म… और चूसो उम्म्म्मम आहह…. मेरी पायल की, निहाल के धक्को की और मेरी सिसकीयाँ.फिर लगभग 5 मिनट के बाद ही में चिल्ला उठी, में गईईईय. वो मेरे स्तनों से चिपक गयी. फिर उसने चादर को नीचे सरका दिया, जिससे मेरा नंगा जिस्म दिखने लगा. वहाँ कोइ नही था तो फिर हमने किस करके एक दूसरे को गले लगाया. मानो एक रूप की मल्लिका नंगी खडी थी. जब वो पूरी तरह से झड़ चुका था और तभी वो मेरी बाहों में लिपट कर















