गर्म भारतीय बहू

लेकिन उसके लिए मुझे काफी त्याग करना पड़ा। इस बार की होली हमारे अलावा मेरे पडोसी मेरे दोस्त और मेरे कजिन के लिए भी यादगार रही कारण उन सबों ने अपनी प्रिया भाभी जो की इन सबों की ड्रीम क्वीन थीं के साथ ऐसी होली खेली जो की वो लम्बे समय तक नहीं भूलेंगे उन्होंने प्रिया को रंगों में ना सिर्फ शराबोर कर दिया।बल्कि और भी काफी मजा लिया पड़ोस के लड़कों ने तो सिर्फ प्रिया को रंग लगाया और हलकी फुलकी छेड छाड़ की पर मेरे दोस्त और तुषार ने ने प्रिया की जवानी का फल भी चखा बेचारे पड़ोस के कुछ लड़के जो की प्रिया के आगे पीछे लगे रहते थे।उन्हें ज्यादा मौका नहीं मिला और वो मन मसोस के रह गए उन्होंने प्रिया की जवानी के उस पके फल की खुसबू तो ली लेकिन फल खाने से रह गए इन सभी एपिसोड्स ने मेरे सेक्स की इच्छा तीव्र कर दी काश मैं पहले से ही चोकन्ना रहता तो फल को कोई दूसरा नहीं चखता लेकिन जो लिखा था।उसे मिटाया तो नहीं जा सकता था प्रिया जैसी मस्त जवानी को तो जूठा होना ही था इसमें प्रिया की कोई गलती नहीं थी मेरी गलती थी लेकिन चलो ठोकर खाने के बाद सबक तो मिला पड़ोस के कुछ लड़के जिन्होंने प्रिया के साथ होली खेली थी उसके बदन के छुवन ने उन्हें

गर्म भारतीय बहू

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