उहह्ह्ह्ह…ओह्ह्ह्हह्ह…” की आवाज निकालने लगती।मुझे अमृता की चूंचियो को पीने में बहुत मजा आ रहा था। अमृता की साड़ी भी मैंने उतार दी। अपना अब सिर्फ पेटीकोट में मेरे सामने लेटी थी। अमृता ने नीले रंग पेटीकोट पहना था। अमृता बिस्तर पर तड़प रही थी चुदवाने को। मैने भी अपना लौड़ा निकाल लिया। चैन के बाहर मेरा लौड़ा निकला हुआ था।अमृता अपनी आँख बंद करके लेटी थी। मैंने उसके पेटिकोट को ऊपर उठाया। उसकी पेटिकोट को ऊपर उठा कर मैंने उसकी पैंटी सहित उसकी चूत के दर्शन किया। अमृता की चूत के किनारे एक भी बाल नही था। मैंने अमृता की पेटीकोट का नाड़ा खोला।अमृता की पेटीकोट का नाड़ा खोलते ही मैंने उसकी पेटीकोट निकाल दी। पेटीकोट के निकलते ही अमृता पैंटी में हो गई। अमृता को पैंटी में देखकर मैंने उसकी चूत को देखने की तडप होने लगी। मैंने अमृता की चूत को देखने के लिए। मैंने उसकी पैंटी भी निकाल दी।अमृता की पैंटी को निकाल कर मैंने दूर फेंका। मैंने भी अपने सारे कपडे निकाल दिए। हम दोनों ही अब नंगे ही थे। अमृता मेरे बड़े मोटे काटे लंड को देख रही थी। मैंने अमृता की दोनों टांगो क़्क़ फैलाकर उसकी चूत के दर्शन किया। अमृता की गोरी चूत को देखकर मेरा मन मचलने लगा।अमृता की चूत को मैंने अपने मुँह में रख लिया। अमृता की चूत जैसे ही मैंने










