वो भी जीतेन्द्र भैया के पापा के साथ. हम दोनों ने कहा हां हो गई है. XXXBF हम दोनों बहन निचे जाते जाते वही सीढ़ियों पर छुप गए. पर मैं समझ नहीं पाई. मैंने पूछा की पापा मम्मी कहा जा रही है.मम्मी तो जहा भी जाती है वो हम दोनों को साथ ले जाती है. क्यों की मुझे लग रहा था आखिर पापा मुझे बाहर क्यों भेजते है. हम दोनों बहन बहूत खुश थे क्यों की पापा ने मुझे पैसे दिए थे. पापा बोले चलो मैं ही ला देता हु, और वो चले गए. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.माँ को शायद दर्द हुआ वो कहने लगी. मैं तुरंत ही भाग कर बाहर गई. मैं तुरंत ही भाग कर बाहर गई. तो वो बोल दी छोटी तो स्कूल गई है और बड़ी अपने दोस्त के यहाँ. वो मेरे पापा के कंधे पर हाथ रख कर बोले, थैंक्स. और फिर दोनों खड़े हो गए.और जीतेन्द्र भैया शर्ट का बटन लगाते हुए दरवाजा खोले, मेरे पापा तभी जीतेन्द्र भैया से पूछे कैसा रहा, तो वो बोले मस्त.















