मेने आने वाले दिनो में कई बार श्वेता, अमित और शुभम को एक साथ चुदाई करते देखा. XXX Hindi में खुद गिनती भूल गयी कि कौन कितनी बार झाड़ा. अपना मुँह हटा कर वो फिर से वही हरकत बार बार दोहराने लगा जब तक में अपने कूल्हे ना उचकाने लगी. और तुम्हारी चूत पानी भी पिचकारी की तरह चोदती है.” उसने कहा.“हां अमित मेरी चूत उत्तेजना में फूल जाती है और पानी भी इसी तरह छोड़ती है. वैसे ही करते जाओ जैसे मेने तुम्हारी चूत चूस्ते वक़्त किया था.” श्वेता ने कहा.“श्वेता अगर तुमने जिस तरह से मेरे लंड को चूसा था उससे आधे तरीके से भी तुम चूत चतोगी तो श्वेता को मज़ा आ जाएगा.” शुभम ने मेरी चूत मे धक्के लगाते हुए कहा.मेने अपना सिर थोडा सा उप्पर उठाया और अपनी जीब बाहर निकाल ली. मुझसे अब रहा नही जा रहा था.“पल्ल्ल्ल्ल्लेआआअसए अब मुज्ज़ज्ज्ज्ज्झे चूऊओदो.” मेने धीरे से उससे कहा.शुभम ने मुस्कुराते हुए अपने कूल्हे हिलाने शुरू कर दिए. “मेरा फिर छूटने वाला है,” मुझे विश्वास नही हो रहा था. मेरा जी उसके लंड को मुँह मे लेने को मचल रहा था और में डर भी रही थी क्योंकि मेने आज तक इतने लंबे लंड को नही चूसा था.उसने मुझे धीरे से सोफे पर लिटा दिया.















