” मेरी दीदी मुझसे पूछी।मैं – यदि मैं तुमसे बोलुंगा तो तुमहम पर क्रोधित होगी। मैं हिचकिचाते हुए बोला.बहन – नहीं विशाल मैं ऐसा कभी नहीं करूंगी। बोलो क्या बात है?मैं बोला तुम पहले वादा करो कि तुम हमपर बिगड़ेगी नहीं।बहन – मैं तुमसे वादा करती हूं कि मैं तुमको कुछ भी नहीं बोलूंगी। वह हमको सांत्वना देते हुए बोली.ओर तब मैं बोलना शुरू किया दीदी मेरी प्यारी बहन तुम्हारी सुंदरता पर उत्तेजित हो उठा था। और मैं तुम्हारे फुली गाल नोकदार चुचियों पतली कमर ओर भारी चुतड़ को देखकर पागल हो गया था। दीदी मेरी बातो को शांत होकर सुन रही थी और तब बोली तो विशाल… तुम्हारे कहने का मतलब है कि मेरी सुंदरता ने तुम्हे पागल बना दिया था। और इसलिए तुम उत्तेजित हो उठे।वह में आंखों में झांकते हुए निरीक्षण कर रही थी। हां दीदी तुम्हारी मदमस्त जवानी ने हमे उत्तेजना में भर दिया था। मेरे खोलने पर उसके चेहरे कर रंग बदल गया था और वह मस्त होकर बोला ओह कितना भाग्यशाली हूं कि तुम्हें मेरा हमारी जवानी पसंद आई है। ओह विशाल तुम हमें चाहते हो ओह मेरे प्यारे भाई तुम कितने अच्छे भाई हो तुम।और इतना कहकर मेरी गर्दन में हाथ डालकर मुझे अपने बदन से चिपका ली। और हमारे ओठों को चूसने लगी थी। और वह अपनी जीभ को हमारी मुंह में दबा दी















