गर्म देसी चूत गांड

इसका क्या खर्चा होगा?क्यूंकि मेरा अन्य जगह पर काम चल रहा था तो मैंने कह दिया कि शाम सात बजे तक आ जाऊँगा।उन्होंने कहा- ठीक है।काम में व्यस्तता के कारण समय का पता ही नहीं चला और रात के आठ बज गए। तिवारी जी का फोन आया तो मैंने उन्हें सॉरी कहकर अगले दिन आने को कह दिया।तो उन्होंने कहा- सुबह दस बजे तक जरूर आ जाना!और फोन कट गया। अगली सुबह नौ बजे बाइक से मैं निकल पड़ा लेकिन पाँच किलोमीटर ही चला था कि टायर पंचर हो गया। साढ़े दस तक पंचर बनवाकर 11 बजे तिवारी साहब के घर पहुँचा। पुराना लेकिन शानदार मकान बना था। गेट के बाहर बाइक को छोड़कर अन्दर गया, बगीचे में सुन्दर पौधे और फूल लगे थे। मुख्य दरवाजे पर पहुँच कर घण्टी बजाई तो थोड़ी देर में एक महिला ने दरवाजा खोला जो इतनी खूबसूरत थी कि मैं उसे देखता रह गया।उसने पूछा- क्या काम है?मैंने कहा- तिवारी साहब से मिलना है बाथरूम की रिपेयरिंग के लिए!तो वह बोली- मैं मिसेज़ शोभा तिवारी (बदला हुआ नाम) हूँ, साहब बैंक चले गए है आप अन्दर आकर बाथरूम देख लीजिये। उसके बाद बैंक जाकर साहब से मिल लेना।वो मुझे अन्दर ले गई और बैठक में बिठाकर रसोई की ओर चली गई। शोभा तिवारी ने उस समय आसमानी रंग की झालरदार और सुन्दर मेक्सी पहनी थी, जिसका

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