मैंने चीख पड़ा। मैंने फिर से अपनी बहू अंशिका पर लात घूसों की बौछार कर दी। मैं आगबबूला हो गया। मैंने अपना पूरा हाथ कोहनी तक अपनी अल्टर बहू के फ़टे भोंसड़े में डाल दिया। अंशिका दर्द से कराह दी।ले रंडी!! XXX Hindi मैंने आनंद और अपने छोटे भाई मनोहर से कहा। मेरे घर में खासा बवाल मच गया।मेरी तीन बेटियों, मेरे दूसरे बेटे, मेरी पत्नी जाग गयी। पर हम लोगों ने दरवाजा अंदर से बंद कर रखा था। सब परेशान हो गए और दरवाजा पीटने लगे। आनंद और मनोहर ने रांड को खीचकर निकाला। अंशिका लगातार रोई जा रही थी। मैंने उसके बाल पकड़े और उसे ज़मीन के फर्श पर पटक दिया। उसका सिर फट गया।साली रंडी! वो मेरे बेटे आनंद के हाथ जोड़ने लगी। तुम जो कहोगे मैं वो करने को तैयार हूँ! मेरी अल्टर बहू ने कहा।आनंद मेरे पास आया और उसने बताया कि उसका कोई आशिक़ है। उसी से वो शादी के 5 साल पहले से चुदवाती रही है।अरे! मैं चिखा और हाथ अंदर बाहर करने लगा। अंशिका की चूत का चबूतरा बन गया। उसकी चूत रबर की तरह खिंच गयी। लगा कहीं फट ना जाए। लगा जैसे उसकी चूत से बच्चा निकलने वाला है। अंशिका जोर जोर से दहाड़े मारकर रोने लगी पिताजी!















