मैंने कहा था ना कि पूरा रास्ता चल कर आना है तो तू इनकी कार में क्यों आयी? XXX BF हमारा ही फायदा है क्योंकि ये भी अब हमारी नई ग्राहक बनेगी।” तो सभी ने मुझे पचास-पचास रुपये दे दिये। कुल मिला कर तेरह सौ पचास रुपये ही इकट्ठे हुए। अब भी मेरे पास साढ़े छः सौ रुपये कम थे। मैंने उनसे कहा कि “मुझे साढ़े छः सौ रुपये और चाहिये” तो उन्होंने कहा कि “साली इतने दे दिये ना बहुत है अब और पैसे नहीं मिलेंगे तुझे!” मैंने उनसे फ़िर से मिन्नत की और कहा कि “मैं कुछ भी करने को तैयार हूँ पर मुझे साढ़े छः सौ रुपये और दे दो।”इस पर उनमें से एक ने कहा कि “तुझे अभी के अभी एक कुत्ते और गधे का लन्ड लेना होगा।” मैं ये सुनकर हैरान गयी। मैंने पहले सोचा कि अगर पैसे ना लेकर गयी तो एक हफ़्ते तक कईं मर्दों से चुदाई होगी और पता नहीं शोभित क्या-क्या उल्टी सीधी सज़ा दे मुझे। इससे अच्छा तो है कि मैं अभी कुत्ते और गधे से चुदवा लूँ… एक नया तजुर्बा भी हो जायेगा।मैं इतनी ठरकी और बेशरम बन गयी थी कि जानवरों से चुदने का सोच कर गरम हो रही थी। मैंने तुरंत हाँ कर दी। तभी वहाँ पर थोड़ी ही देर में कुछ मर्द एक बड़े से कुत्ते और गधे को ले कर















