निकालो उसे बाहर। मुझे नहीं चुदवाना। तुम तो मेरी चूत फाड़ ही डालोगे। कोई ऐसा करता है भला?मैं- “भाभी, बस हो गया। अब तुम्हें मजा ही मजा मिलेगा। आओ तुम्हें जन्नत की सैर करवाता हूँ। वो भी अपने लण्ड से…” मेरा पूरा लण्ड उनकी चूत में जा चुका था। मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए।धीरे-धीरे उन्हें भी आराम मिलने लगा। उन्होंने मुझे कसकर पकड़ लिया। फिर बोली- “सोनू, आहह… अब तेजतेज करो। ओहह… फाड़ डालो मेरी चूत… साली ने बहुत तड़पाया है… आज निकाल दो इसकी सारी अकड़… ओहह… दिखा दो तुममें कितना दम है। चोद मेरी जान…”मैंने उनकी कमर को दोनों हाथों से पकड़ लिया और पूरी ताकत से धक्के लगाने लगा। उनकी ‘आहे’ निकलने लगीं- “आह्ह.. XXXBF तू जरूर मार खाएगा आज।मैं- अरे भाभी, जो मन में था, वो बोल दिया। अगर सच कहने में मार पड़ती है तो वो भी मंजूर है। पर मारना तुम ही।मालकिन- साले, तू बड़ा बदमाश हो गया है। बस अब मैं चलती हूँ।मेरा तो दिमाग खराब हो गया। अपने से तो कुछ हुआ नहीं। इसलिए मन ही मन ऊपर वाले से दुआ माँगी कि कुछ ऐसा कर दे कि ये खुद मेरे लण्ड के नीचे आ जाए। कहते है ना कि सच्चे मन से किसी की लेनी हो तो वो मिलती ही है। वो जैसे ही उठने को हुई। पता नहीं कहाँ से उनके सूट















