मेरा माल आंटी की चूत में किसी भी हालत में गिरना चाहिए. मैं अपने घर में रात का खाना बना रहा था कि तभी अचानक बलविंदर का फोन आया.बलविंदर- हेलो सोनू, भाई सुन, एक काम था.मैं- हाँ बोल भाई क्या काम है.बलविंदर- यार मेरे घर की छत का पंखा अचानक बंद हो गया है, और अभी इलेक्ट्रीशियन फोन नहीं उठा रहा है, माँ अकेली है घर में, प्लीज यार तू जरा जाकर देख.मैं- इसमें प्लीज मत बोल भाई, मैं अभी जाता हूँ, देखता हूँ क्या दिक्कत है.बलविंदर- थैंक्स भाई, मैं बात करता हूँ फिर, अभी बहुत बिजी हूँ.मैं- ओके भाई, जब फ्री हो जाये तो कॉल करना.मैं बलविंदर के घर के लिए निकल पड़ा, मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं है. XXXBF और मैं दूसरी और घुमा और एक हाथ से मुठ मारने लगा और दूसरे हाथ से पंखा सही करने का नाटक करने लगा. कुछ टाइम बाद पता चला की प्रीतो आंटी पेट से है, यह बात ऑफिस में पता चली तो बलविंदर शर्म से लाल हो गया. और आंटी ने एक हाथ अपने मुह पर रख लिया और एक गन्दी सी मुस्कान दी. उसकी उम्र लगभग 30 की होगी, हमारी दोस्ती काफी अच्छी है.















