इन्हें हम चाय में नींद की गोलियाँ मिला कर दे देंगे… तुम बस जल्दी से ढाबे में चलो!” ये कहकर मैं फिर उसका लण्ड मुँह में लेने के लिये नीचे झुक गयी। जब मैंने उसका लण्ड अपने मुँह में लिया तो वो एहसास मैं बयान नहीं कर सकती। खुदाई एहसास था वो। इतना लज़ीज़ लंड था की क्या कहूँ। मैं उसका तमाम लौड़ा नीचे से सुपाड़े तक बार-बार चाट रही थी।टाँगेवाले ने भी अब सिसकना शुरू कर दिया और सिसकते हुए बोला, “हाँऽऽऽऽ मेमसाब! BFSex मेरे इस प्यारे लंड को अपने मुँह में ले कर चूस… और इसे फिर से खड़ा कर… टाँगे में तो तेरी अम्मा (सास) जाग गयी थी तो मज़ा नहीं आया था… पर यहाँ पर कोई नहीं आने वाला है!”मुझे भी और क्या चाहिये था। मैं भी तो बिल्कुल यही आरज़ू कर रही थी कि उसका अज़ीम लंड अपने लबों में ले लूँ। मैंने लपक कर उसे पकड़ लिया और बड़े चाव से उसे अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। उसका लंड चूसते हुए मैं उसके चूतड़ों को दबाते हुए अपने लंबे नाखूनों से खुरच रही थी।उसका लण्ड फिर से सख्त होने लगा था। मैं दस मिनट तक चुप्पे मार-मार के इतनी ज़ोर-ज़ोर से उसका मोटा लंड चूसती रही की मेरे होंठ दुखने लगे। वो अब ज़ोर-ज़ोर से कराहते हुए ये अल्फाज़ बोल रहा था, “चूस साली… और जोर















