ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.और वो आह… देवर जी करो आह सस्स तुम से ही चुदवागी आह उमआआआ आह चोदो तुम मेरे पति हो अपनी बीबी की लो आह फिर हम दोनों साथ झाड़ गये। फिर भाभी ने मुझे किस किया और फिर घेर जाने को तैयार हो गयी। लेकिन रमन जी ने हम लोग को रोक लिया और बोले समधन जी अब कल जाना।मै समझ गया मम्मी को चोदने के चक्कर में है। फिर रात को मेरी नजरें मम्मी के ऊपर थी। फिर रात को रमन जी के। एक दोस्त भी आये। उन दोनों ने शराब पी मम्मी सामने नाइटी पहने बैठी थी। ससुर जी और उनके दोस्त मम्मी की चुचियो को देख रहे थे। फिर संध्या जी भी आई और रमन जी के दोस्त के बगल में बैठ गयी। उन्होंने भी सेक्सी नाइटी पहनी थी।फिर अजय ससुर के दोस्त का नाम है। उन्होंने संध्या जी की जांघो पर हाथ रख दिया। और ससुर ने मम्मी की चुचियो पर हाथ रख दिया। मै समझ गया आज कुछ नया होगा। फिर अजय संध्या की चूचियों को दबाने लगे और संध्या जी आह… आआआआ… आराम से करो अजय हां भाभी और फिर रमन जी ने मम्मी की नाइटी खोल दी और ब्रा खोल दिया मम्मी की मस्त चूचियों को आजाद कर दिया। मम्मी आह… उमआआआ सस्स कर















