लेकिन में बहुत कम बोलता था और उनकी नज़रों में में बड़ा ही शरीफ़ लड़का था..लेकिन इस शरीफ नक़ाब के पीछे में अपनी हवस पूरी करता रहता था. लेकिन जूलॉजी का कोई अच्छा टीचर नहीं मिल रहा था. XXXBF में तो डर गया और सोचने लगा कि हम यह तो ग़लत जगह आ गये इसे तो कुछ नहीं आता होगा और मेरा भविष्य तो गया.. तो मेडम ने भी मेरे एग्जाम खराब ना हो इसलिए मुझे अकेले में क्लास देने का फेसला किया और में मन ही मन बहुत खुश हुआ. लेकिन मेरा लंड मुझे पढ़ने नहीं दे रहा था और मेरा पूरा ध्यान उनके बूब्स पर था और एक साईड पर बैठने के कारण मुझे उनकी सफेद ब्रा की लेस साफ साफ नज़र आ रही थी.. तो मैंने कहा कि कुछ नहीं मेडम सुबह ऐसे ही उठकर आ गया हूँ तो थोड़ा ठीक नहीं लग रहा है और शायद घर जाकर कुछ खा लूँ तो ठीक हो जाऊंगा. वो भी अपनी पहली चुदाई का मजा लेने लगी और अपनी गांड को उठाकर उछलने लगी और आज मैंने उसकी चूत की सील तोड़ ही दी थी जो मेरा एक सपना बन चुकी थी.फिर में भी उसकी दोनों जांघो को पकड़कर उसे धक्के पर धक्के देने लगा..















