बोली क्यू क्या हुवा मैने कहा आप जो भी बोलती बताती हो मुझे कुछ नही सुनाई देता मैं सिर्फ़ आपके बारे मैं ही सोचता रहता हो और कल भी आज आपने मेरी हालत तो देख ली है.तो उसने कहा हाँ वो तो है पता है मैं यहा अकेली रहती हूँ दो तीन महीने मैं मेरे पति आते है बाहर काम करते है कल तुम्हारा देख कर मुझे रात भर नींद नही आई क्या करू मैं अभी जवान हूँ मेरा भी मन करता है सेक्स का तुम एक काम करो मैं तुम्हारी फ़ीस माफ़ कर देती हूँ और तुम मुझे खुश रखो.मैं उनका हाथ पकड़ कर खिच लिया आपने ऊपर वो मेरे ऊपर आ गयी मैं उन्हे चूमने लगा किस करने लगा वो भी साथ दे रही थी आभी स्लो स्लो चल रहा था फिर सूँछ होने लगा मूह घुमा घुमा कर हर तरफ से सूँछ कर रही थी पूरा खिलाड़ी थी भाई आब मैं उनके आइज़ पे बरी बरी चुंबन देने लगा सर पकड़ कर.तब वो बोली की अंदर चलो बेडरूम मैं वो वही रहती भी थी आपना ऑफीस अंडर से लॉक करके आ गयी बैडरूम मैं आते ही हम फिर से स्टार्ट हो गये एक दूसरे से लिपट कर चुंबन करने लगे जब जिसे मौका मिलता और जहा मिलता चूम लेते मेरा हाथ आब सारी ऊपर से ही उनकी नितम्बो को















