“Bhabhi Vasna Sukh”मैंने ऐसे कैसे कह दू की मैं तुमसे प्यार करती हु, और चुदना चाहती हु, तो मैंने एक दिन उसके पत्नी को बताया की, मेरा पति मुझे संतुष्ट नहीं कर सकता है, वो तीन चार महीने में एक बार मुझे चोद पाटा है, शायद विवेक की पत्नी ने विवेक को ये बात बता दिया फिर क्या था वो मुझे घूरने लगा, फिर ऐसे ही देखते देखते समय निकल गया होली आ गई थी.होली के दिन मुझे रंग लगाते हुए विवेक ने मेरे बूब्स को दबाने लगा और मैं भी शांत हो गयी उस समय कमरे में कोई नहीं था, तो मैंने भी उससे अपनी चूचियाँ दबबा ली, उसने मेरे चूत को ही साडी के ऊपर से ही सहलाने लगा था फिर होठ को किश करने लगा था.मैं सिर्फ यही बोल पायी “छोडो ना प्लीज कोई देख लेगा” पर ये तो सिर्फ ऊपर ऊपर से कह रही थी मन तो कर रहा था की उसका लण्ड अपने चूत में घुसा लू. XXX Hindi “Bhabhi Vasna Sukh”मेरे घर में कोई नहीं था, पति ड्यूटी गया था और बच्चे स्कूल, और नया मकान भी मेरा ऐसा था की मैं ही उसमे थी, तो कोई देखने बाला भी नहीं था, वो आके दरवाजा खटखाया मैं निकली, वो मुझे देख के बोला हाय क्या लग रही हो, ऐसा कहने का रीज़न भी था.क्यों की मैं ब्रा नहीं















