मस्त देसी चुटिया का जांघ उठाकर थिरकना

तब मुझे मौसा जी के कमरे से कुछ आवाजें सुनाई दी, जैसे जैसे मैं उनके कमरे के करीब पहुँचने लगी, वैसे वैसे आवाजें ठीक से साफ़ साफ़ सुनाई देने लगी, वे आवाजें मौसा जी के और मीना की सिसकारियों की थी।वे दोनों अंदर क्या कर रहे थे? BFSex मौसा जी जरा पीछे हटे, अच्छा हुआ कि बिजली कड़क गयी, नहीं तो आज मेरा और मौसा जी का चुम्बन हो गया होता!हे भगवान… मेरे पचास साल के मौसा जी मुझे किस करने जा रहे थे और मैं भी उन्हें साथ देने चली थी। कुछ समय बाद फ्रिज से आइस निकलने की आवाज आई और मैंने फ्रिज की तरफ देखा, हमारी आँखें फिर से मिली और मैं फिर से शर्मा गयी। मैंने कटा हुआ खीरा और गिलास टेबल पर रखा अभी मौसा जी विहस्की की बोतल और बर्फ ले कर मेरे पास खड़े हो गए गए।“थैंक्स शुभांगी…” कहकर उन्होंने अपना हाथ मेरे कंधे पर रख कर सहलाया।“गुड नाईट अंकल, ज्यादा मत पियो!” कह कर मैं वहाँ से बाहर चली आयी।किचन से बाहर निकलते ही मैंने एक दीवार के आड़ लेकर उस खीरे को मेरी मुनिया से बाहर निकाल लिया, उस खीरे ने मेरी जान ही निकाल दी थी। उसी खीरे को लेकर मैं बैडरूम में जाने लगी तो मुझे मेरी पैंटी का ख्याल आया, ओह शिट… पैंटी तो रसोई में ही रह गई है। अगर

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