.ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की आवाज निकालने लगी।मुझे मम्मी की हालत देखकर बहुत सेक्सी महसूस हो रहा था। मैं और जोर जोर से उनके कबूतर दबाने लगा। फिर मैं मुंह में लेकर पिने लगी। उधर मम्मी ने नीचे से मेरी कमर की तरफ हाथ डाल दिया था और जल्दी जल्दी मेरे लंड को फेटने लगी थी। मुझे बहुत अजीब सा नशा चढ़ रहा था।फिर मैं तेज तेज अपनी सगी मम्मी की रसीली चूचियां चूसने लगा। क्या मस्त मस्त आम थे उनके। बिलकुल देखने में अनार जैसे लग रहे थे। मेरे जैसे एक मर्द का स्पर्श पाकर मम्मी की निपल्स खड़ी हो गई थी। मैंने उनको अपनी ऊँगली से गोल गोल घुमाने लगा।मम्मी “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्हह्ह….अई. BF XXX .अई..अई…..अई..मम्मी….” की आवाज निकाल रही थी। फिर मुझे और जादा सेक्सी महसूस हो रहा था। मैं मम्मी की निपल्स को अपनी जीभ से छेड़ने लगा। वो पागल हो रही थी। उसकी बायीं चूची को मैंने पूरी तरह से चूस लिया था।अब मैंने उनकी दाई चूची को मुंह में भर लिया था। फिर मैं मस्ती से चूस रहा था। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। अब मेरा जल्दी से मम्मी को चोदने का दिल कर रहा था। कुछ देर बाद हम दोनों फिर से लिप लोक होकर किस करने लगे। “नितेश बेटा!!















